Day: June 21, 2018

घंटी बजाता बाबा for SMS thought

घंटी बजाता बाबा हर रोज़ वही पुराना लबादा ओढ़े आ जाता था शाम को कभी मूँगफली , कभी काले चने दे देता था सबको हाथ में पैसे ना दो तो भी हँसता था समझ नहीं आता आज क्या वो खुदा था पानी आँखों का मरा, मरी शर्म और लाज !